द व्यूज़टाईम ब्यूरो… दिल्ली /

दिल्ली में हुई सीजेपी पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर की गई सुरक्षा सख्ती के बाद अब हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने हिरासत केंद्रों में रखे गए 4000 प्रदर्शनकारियों को सभी को रिहा कर दिया है।
हालांकि सीजेपी नेताओं को नहीं छोड़ा गया है। अभिजीत दीपके के अलावा आशुतोष रांका सौरभ दास और ध्रुव राठी को पुलिस ने अभी भी हिरासत में ही रखा है। हलाकि बाकी जितने भी समर्थकों को अलग.अलग जगहों से हिरासत में लिया गया था उन सभी को अब छोड़ दिया गया है अभिजीत दीपके को नानी के निधन हो जाने की सूचना पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें मानवीय आधार पर छोड़ देने और महाराष्ट जाने देने की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने बाद में घर जाने से खुद ही इंकार कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीजेपी नेताओं के मामले में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। सभी संबंधित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी बहाल कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत केंद्रों में रखे गए लोगों को छोड़ दिया गया है जबकि पार्टी के नेताओं को फिलहाल हिरासत में रखा गया है। उनके संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम के बीच राजधानी में आम लोगों की आवाजाही से जुड़ी पाबंदियों में भी राहत मिली है। दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर आवाजाही बहाल कर दी गई है वही प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। संबंधित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने और अपनी मंजिल तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी में खुदरा शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया था। यह फैसला दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट और कानून.व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था। आदेश के दायरे में संबंधित लाइसेंस श्रेणियों वाली सरकारी और निजी खुदरा शराब की दुकानें शामिल थीं। हालांकिए लाइसेंस प्राप्त रेस्तरांए बार और क्लबों के संचालन पर यह पाबंदी लागू नहीं थी।