द व्यूज़टाईम ब्यूरो………..

चंडीगढ़। ड्रग्स से जुड़े मामले में बर्खास्त पूर्व एआइजी राजजीत सिंह हुंदल की मुश्किलें अब उनकी कथित बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों तक पहुंच गई हैं।
एंटी.नारकोटिक्स टास्क फोर्स एएनटीएफ हुंदल से जुड़े संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि उनके नाम या कथित तौर पर दूसरों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और बैंक खातों में हुए लेनदेन का ड्रग्स से जुड़े नेटवर्क से कोई वित्तीय संबंध रहा है या नहीं। एएनटीएफ की जांच में हुंदल से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां किस तरह अर्जित की गईं और इनके लिए रकम कहां से आई। इसके साथ ही अलग.अलग बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों तक पहुंच बनाई जा सकती है।
हलाकि हुंदल का नाम उस मामले की जांच के दौरान सामने आया था जिसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 2017 में एफआइआर नंबर एक दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच के दौरान ड्रग्स तस्करों से कथित मिलीभगत समेत कई गंभीर आरोप सामने आए थे। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर हुंदल की कथित भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई थी।
पंजाब सरकार ने हुंदल को 2023 में सेवा से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद भी ड्रग्स से जुड़े मामलों में उनका नाम जांच के दायरे में बना रहा। अब एएनटीएफ की जांच का दायरा उनकी कथित वित्तीय गतिविधियों तक पहुंच गया है।
जांच में कथित बेनामी संपत्तियों को लेकर यह भी देखा जा रहा है कि रिकॉर्ड में संपत्ति भले किसी दूसरे व्यक्ति के नाम होए लेकिन उसका वास्तविक लाभार्थी कौन है। इसी तरह बैंक खातों के जरिए रकम के लेनदेन खाताधारकों और आपसी वित्तीय संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एएनटीएफ की जांच में यदि संपत्तियों और बैंक खातों से ड्रग्स कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ी सामने आती है तो मामले में आगे कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल एजेंसी का फोकस हुंदल की कथित संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क की पूरी तस्वीर तैयार करने पर है।