एक सिरफिरे ने पत्नी बेटे समेत दो पुजारियों की गोली मारकर की हत्या पुलिस ने सिरफिरे को मार गिराया

आज़मगढ़ पुलिस ने बताया कि अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार को अरविंद सिंह नाम के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी बेटे और घर में पांच दिवसीय गायत्री जाप कराने आए दो पुजारियों की गोली मार कर हत्या कर दी

अरविंद सिंह की बुजुर्ग मां ने मीडिया के सामने घटना की पुष्टि की है उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब घर में गायत्री जाप चल रहा था मिली जानकारी के मुताबिक़ यह धार्मिक अनुष्ठान पांच दिनों का था लेकिन चौथे दिन अरविंद सिंह और अनुष्ठान में शामिल पुजारियों के बीच कहासुनी हो गई पुलिस के मुताबिक़ अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पुजारियों पर हमला कर दिया पुजारियों को बचाने आई पत्नी की भी गोली लगने से मौत हो गई

इसके बाद वह अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया इस दौरान हालात काबू करने के लिए पुलिस ने एसओजी के कमांडो भी बुला लिए

पुलिस का कहना है कि करीब सात घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने कमरे में प्रवेश करने की कोशिश की

पुलिस का यह भी दावा है कि इसी दौरान अरविंद ने एक बच्चे को गोली मार दी और पुलिस पर भी फ़ायरिंग की घर के बाहर पुलिस देर रात तक मौजूद रही पुलिस के मुताबिक़ उन्होंने कई घंटों तक अरविंद को सरेंडर करने के लिए अपील की

घर के बाहर पुलिस देर रात तक मौजूद रही पुलिस के मुताबिक़ उन्होंने कई घंटों तक अरविंद को सरेंडर करने के लिए कहा था
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने मीडिया को बतायाए ष्पुलिस के पहुंचने पर अभियुक्त ने बच्चों को घर के एक कमरे में बंद कर पुलिस और परिजनों को गोली मारने की धमकी दीण् उसने अपने बेटे को गोली मार दी और पुलिस पर फ़ायरिंग शुरू कर दीण् बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कीण् घायल अभियुक्त और उसके बेटे की अस्पताल में मौत हो गईण्ष्

क्या है पूरा मामलाघ्

आज़मगढ़ पुलिस के मुताबिक़ अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब छह बजे अपने घर पहुंचे उस समय घर में पूजा चल रही थी वहां उनकी पत्नी बबीता सिंह के अलावा दो पुजारी भी मौजूद थे

आज़मगढ़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के मुताबिक ग्रामीणों के हवाले से बताया कि पिछले दो.तीन महीने से अरविंद परेशान थे चिड़चिड़े हो गए थे और लड़ाई.झगड़े कर रहे थे वो मानसिक रूप से परेशान थे और उनका इलाज भी चल रहा था इन्हीं वजहों से उनकी पत्नी घर पर पांच दिनों की एक पूजा.पाठ कर रही थी

उन्होंने बताया चौथे दिन उनके ;अरविंद सिंह दिमाग में अचानक क्या आया कि वह पंडितों से पूछने लगे कि तुम लोग कौन हो कहाँ से आए हो उनके साथ गाली.गलौज करने लगे पत्नी रोकने लगी तो उसपर फ़ायर कर दिया पंडित जब उसे रोकने लगे तो उन पर भी फ़ायरिंग की एक पंडित दीवार कूदकर भाग गया

पुलिस के मुताबिक़ मृत पुजारियों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में हुई है तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चले गए और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया सूचना पर गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और घर को घेर लिया लेकिन वह कमरे से बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुए यह गतिरोध काफ़ी लंबा चला इसके बाद अरविंद सिंह और पुलिस के बीच हुई गोलीबारी में अरविंद सिंह की मौत हो गई

पुजारी ने एक समाचार चैनल को बताया की यह धार्मिक अनुष्ठान गायत्री जाप था और पांच दिनों का अनुष्ठान था तीन दिन तक सही से चला लेकिन चौथे दिन घटना घटित हो गई इस पूजा में उसकी ;अरविंद सिंह एक प्रतिशत भी दिलचस्पी नहीं थी पत्नी को भी पूजा में बैठने नहीं देता था

पंडित हिमांशु मिश्रा ने बताया कि उस दिन हम लोग पूजा करके उठने ही वाले थे वहा ;अरविंद सिंह तुरंत आ गया आते ही बोला तुम लोग कौन हो कैसे मेरे घर आ गए मेरे पापा ने कहा.आपकी माता जी ने बुलाया है उसने कहा मेरे बिना अनुमति के कैसे आ गए उसने फिर कहा आधार कार्ड दिखाओ तो पापा ने कहा कि हमारी वेशभूषा से नहीं पता चल रहा हम कौन हैं कल आधार कार्ड लेकर आएंगे तो देख लेना तबतक वह लाठी लेकर आया और हमला कर दिया उसकी पत्नी भतीजी और मां बचाने आईं तो उसने रिवॉल्वर निकाल कर गोली चला दी पहली गोली उसकी पत्नी बबीता सिंह को लगी और दूसरे पुजारी महेंद्र पाठक ने जब भागने की कोशिश की लेकिन उसने पीछे से गोली मार दी मेरे पिता जी ;अखिलेश मिश्रा को गोली मारा लेकिन गोली सिर को छूकर निकल गई मैं दीवार कूद कर भाग गया उसने दोबारा जा कर मेरे पिता जी के सिर में गोली मार दी

एक ग्रामीण ने बताया कि मैं रात के करीब आठ बजे पहुंचा था तब वहां लगभग दो सौ से अधिक पुलिस मौजूद थी कप्तान साहब भी ऑपरेशन में लगे थे हम सब पुलिस से लगभग चालीस मीटर दूर थे पुलिस और उसके अरविंद सिंह के बीच क्या बात चीत चल रही है सुन नहीं पाए लेकिन कम से कम 25.30 गोली चली होगी

अब तक क्या.क्या हुआ

आज़मगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिराग जैन के मुताबिक
यह घटना मंगलवार शाम करीब पांच बजे की है आज़मगढ़ पुलिस को इस घटना की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर मिली थीण्

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिराग जैन ने बताया हमें यह सूचना अहरौला थाने और 112 पर मिली कि शंभूपुर गांव में तीन हत्या हो गई है क़रीब साढ़े छह बजे थाना प्रभारी घटना स्थल पर पहुंच चुके थे सात बजे क्षेत्राधिकारी और साढ़े आठ बजे तक एसएसपी डीआईजी और एडीजी मौके पर पहुंच चुके थे
पुलिस का कहना है कि अरविंद सिंह से कई घंटों तक सरेंडर करने की अपील की गई लेकिन वह नहीं माना वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी देता रहा

पुलिस अधीक्षक चिराग जैन ने बताया पुलिस और उसके आस.पड़ोस के लोगों ने समझाया कि सरेंडर कर दो लेकिन वह बार.बार धमकी दे रहा था अंदर से अचानक गोली की आवाज आई तो एसओजी के दो सदस्य और एसएसपी दरवाजा तोड़ कर पलंग की आड़ लेकर अंदर घुसे उधर से उसने फायरिंग की पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें वह घायल हो गया

पुलिस के मुताबिक सभी पांच मृतकों का पोस्टमार्टम हो चुका है

वाराणसी अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा ने मीडिया को बताया हम लोगों के हरसंभव प्रयासों के बावजूद वो ;अरविंद ना तो घर से निकलने के लिए तैयार था ना बच्चों को बाहर छोड़ने के लिए तैयार था हमने पुलिस अधिकारियों से बात करायी लेकिन उसका हर बार यही जवाब था कि बच्चे साथ में हैं और शील्ड हैं आप लोग वापस जाइये एक लिमिट के बाद सात घंटे ऑलरेडी हो चुके थे फिर हम लोगों ने ये किया कि कम से कम हम लोग घेराबंदी करके रखते हैं अगर भागने की कोशिश करे तो
उन्होंने कहा हमारी तैयारी चल ही रही थी कि उसी बीच अंदर से एक गोली चलने की आवाज़ आई और उसके बाद हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं था क्योंकि अंदर तीन बच्चे थे और एक फ़ायर का मतलब था कि कुछ भी हो सकता था इसके बाद ही टीम अंदर गई थी

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