
Ravi ji

अंग्रेजी समाचार पत्र द इंडियन एक्सप्रेस के पिटारे से निकले जिन को आधार बनाते हुए राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान दावा किया कि वो लगातार तीन सालों से सुबूत के साथ वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं और अब दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस का जवाब देने के लिए बीजेपी की ओर से सुधांशू त्रिवेदी आए उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक दृष्टि से विवेक शून्य बताते हुए कहा कि एंटी इनकंबेंसी कांग्रेस के ख़िलाफ़ हमेशा से मज़बूत रही है लेकिन जब से पारदर्शी चुनाव हो रहे हैं तब से उनको सत्ता में आने के लाले पड़ गए हैं
कांग्रेस नेता ने इस दौरान फ़रवरी 2025 से लेकर अब तक उन प्रेस कॉन्फ़्रेंस और कार्यक्रमों का ज़िक्र किया जब.जब उन्होंने कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया था
राहुल गांधी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी अपनी लोकप्रियता के शिखर पर भी चुनाव हारीं लेकिन बीते कई चुनावों के बाद एंटी.इनकंबेंसी जैसे ख़त्म सी हो गई है
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा मांगते हुए कहा कि लोकतंत्र को बर्बाद नहीं होने देना है साथ ही राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से मांग करते हुए कहा कि वो सरकार गवाह बन जाएं
आखिर ऐसा क्या है द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में
खोजी रिपोर्ट के छपने के बाद विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े होने लगे हैं जारी इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कदमों को लेकर 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक़ ये आपत्तियां चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ख़ुद को अंधेरे में रखने से लेकर नए मतदाताओं को जोड़ने और नाम हटाने को लेकर दर्ज कराईं और गैरकानूनी कदमों पर सवाल उठाए हलाकि चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्षी दल पहले से सवाल उठाते रहे हैं जिस पर राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा छत्तीसगढ़ यूपी जैसे राज्यों में हमेशा चुनावों के बाद सरकारें बदलती थीं लेकिन अचानक चुनावों में एंटी.इनकंबेंसी ही ख़त्म हो गई उन्होंने कहा ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और मैंने 50 से ज़्यादा साल एक राजनीतिक परिवार में बिताए हैं लोकतांत्रिक माहौल में काम करने वाला कोई भी राजनीतिक नेता ऐसा बयान नहीं दे सकता क्योंकि भारत में एंटी.इनकंबेंसी ;मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ नाराज़गी नाम की एक बुनियादी ताक़त होती है जो बहुत तेज़ी से किसी भी सरकार का विरोध करने लगती है और यह किसी को नहीं बख़्शती
इंदिरा गांधी जी बांग्लादेश युद्ध जीतती हैं अपनी लोकप्रियता के शिखर पर होती हैं और फिर अचानक एक.दो साल के भीतर ही ज़बरदस्त एंटी.इनकंबेंसी और भारी दबाव का सामना करना पड़ता है एक के बाद एक कई नेताओं के साथ ठीक यही होता है ऐसा कांग्रेस नेताओं के साथ होता है क्षेत्रीय पार्टियों के साथ होता है लेकिन किसी वजह से नरेंद्र मोदी के साथ ऐसा कभी नहीं होता अमित शाह के साथ ऐसा नहीं होता बीजेपी के साथ ऐसा नहीं होता
ललकारते हुए गांधी ने काहा हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पॉलिटिकल फ़ोर्स कहां गायब हो गई है इसके हम जवाब ढूंढ रहे थे और आख़िर हमें इसका जवाब मिला वोट हमारे देश की बुनियाद है वोट जिसे चुनाव आयोग सुरक्षित रखता है इसे संविधान से ताक़त मिलती है अगर वोट तबाह हो रहे हैं तो हमारा संविधान तबाह होगा
इसकी कोई ताक़त नहीं रहेगी इसका कोई काम नहीं रहेगा अगर संविधान तबाह होता है तो हमारे क़ानून ख़त्म हो जाएंगे और संस्थानों का कोई मतलब नहीं रहेगा ये हमारे वोट पर हमला है ये हर नागरिक की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है हम लगातार कह रहे हैं कि वोट के साथ कोई न कोई दिक्कत है चुनाव आयोग इसको सुरक्षित रखता है
राहुल का बीजेपी पर चोरी वार वोट चोरी क़ानून चोरी और फिर संस्थान चोरी
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा मांगते हुए कहा कृपया समझें कि यहां क्या हो रहा है आपने जो किया है वह भारतीय राष्ट्र के ख़िलाफ़ एक काम है यह चुनाव में कोई छोटी.मोटी धांधली नहीं है यह भारत के संविधान पर हमला है यह हमारे देश के कानूनी ढांचे पर हमला है और आप ही वह व्यक्ति थे जिन्हें यह सुनिश्चित करना था कि वोट सुरक्षित रहें
हम भारत में लोकतंत्र को ख़त्म नहीं होने देंगे और जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उन्हें सज़ा ज़रूर मिलेगी. आज नहीं तो कल या परसों उन्हें सज़ा मिलेगी ही ज्ञानेश कुमार को अपनी मौजूदा स्थिति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और उन्हें सरकारी गवाह बन जाना चाहिए
राहुल गांधी ने पीएम मोदी अमित शाह और गौतम अदाणी समेत सात लोगों की तस्वीरों को दिखाते हुए कहा कि ये लोकतंत्र को तबाह करने वाले लोग हैं और भारतीय चुनावों में 100 फ़ीसदी धांधली हो रही है
दो चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं मैंने लगातार ये सवाल उठाए लेकिन अब दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए हैं ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने चुना है अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार हमारे वोटिंग सिस्टम को हो रहे नुक़सान के लिए ज्ञानेश कुमार ज़िम्मेदार हैं वोट चोरी के बाद क़ानून चोरी होती है और फिर संस्था चोरी होती है अगर वोट चुरा लिया गया है और संसद में बैठा कोई सांसद कोई भी क़ानून बनाता है तो ये अवैध है
राहुल गांधी ने एक टाइमलाइन भी इस दौरान दिखाई जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने कब.कब चुनाव आयोग में गड़बड़ियों और वोट चोरी का मुद्दा उठाया था
राहुल गांधी ने ये भी कहा कि उन्होंने अपनी असहमति का नोट ज्ञानेश कुमार के चयन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था लेकिन उन्होंने ज्ञानेश कुमार को चुना दबाव संस्थान पर बढ़ रहा है और हमें लगातार अंदर से ख़बरें मिल रही हैं