
द व्यूज़टाईम ब्यूरों … पंचकूला। मनसा देवी कॉम्प्लेक्स ;एमडीसी सेक्टर.4 में पांच साल पहले घर में घुसकर दिनदहाड़े डकैती के चर्चित मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने तीन दोषियों की सजा पर फैसला सुनाया है।
नेपाल निवासी करन बहादुरए गोपाल उर्फ खगेंद्र सार्की और लुधियाना निवासी आसमान सिंह को 7.7 साल कैद की सजा सुनाई है। 25.25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। डकैती के इस मामले में घर पर काम करने वाला नौकर करन बहादुर मास्टरमाइंड था।
इस मामले में कुल चार आरोपित थेए जिनमें से टेक बहादुर उर्फ टेका को अदालत ने पर्याप्त सबूत न मिलने पर बरी कर दिया था। दोषियों को सजा सुनाए जाने के दौरान सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने बड़ी मजबूती से दलील दी कि दोषियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था।
दोषियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी पेश किए गए। अधिवक्ता प्रदीप शर्मा ने कहा कि दोषियों ने मासूम बच्चे को जान से मारने की धमकी देते हुए लूट की आपराधिक वारदात को अंजाम दिया। इसलिए तीनों दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएए ताकि समाज में फैले ऐसे अपराधियों तक सख्त संदेश पहुंच सके।
20 नवंबर 2021 को अनु वालिया के एमडीसी सेक्टर.4 स्थित घर में वारदात हुई थी। शिकायत के मुताबिक दोपहर करीब 3.25 बजे उनका बेटा किसी काम से चंडीगढ़ गया था। घर में अनु वालियाए उनके पति और करीब एक साल का पोता मौजूद थेए जबकि बहू बाहर गई हुई थी।
करीब 3रू55 बजे तीन नकाबपोश युवक घर में घुस आए। एक के हाथ में लोहे की राड थीए जबकि दूसरे ने घर का स्टूल तोड़कर उसे हथियार बना लिया था। तीसरे के पास नुकीली वस्तु थी। आरोपितों ने अनु वालिया के पति से मारपीट की और उन्हें व उनके पोते को जान से मारने की धमकी दी।
5.50 लाख नकद और लाखों के गहने लूटे
शिकायत के अनुसार बदमाश करीब 5.50 लाख रुपये कैशए 3.4 सोने के सेटए 6.7 हीरे की अंगूठियांए पुखराज व अन्य आभूषण और अनु के पति की डायमंड रिंग लूटकर फरार हो गए। वारदात के समय घर में मौजूद नौकर करन बहादुर भी बाद में फरार हो गया था। परिवार ने उस पर वारदात में शामिल होने का शक जताया था।