

NIZAM RAAVI
पार्षदों के लिए मुम्बई में शिंदे ग्रुप ने विशेष ट्रेनिगं कैंप का आयोजन किया है जो अगले तीन दिन तक चलेगा। हलाकि इस आयोजन को लेकर मुम्बई के राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा गरम है कि कहा जा रहा है की शिंदे ग्रुप द्वारा पार्षदों को मेयर की सौदेबाजी के लिए एक स्थान पर जमा किया गया है जिसे ट्रेनिगं कैंप का नाम दिया गया है।
हलाकि देखा जाए तो बीएमसी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत के बाद देश की सबसे समृद्ध महानगर पालिका बीएमसी ;बृहन्मुंबई महानगर पालिका के मेयर को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है चुनाव में महायुति की निर्णायक जीत के एक दिन बाद मेयर के अहम पद को लेकर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच खींचतान सामने आ गई है बीएमसी चुनावों में बीजेपी को 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है हालांकि उसकी सहयोगी शिवसेना ;शिंदे को 29 सीटें मिली हैं
मिली जानकारी के अनुसार एकनाथ शिंदे पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्हो ने होटल को जेल बना दिया है ताज होटल में चुनाव जीतकर जिन पार्षदों को रखा गया है उन्हें रिहा किया जाना चाहिए उन्हें डर के मारे वहां रखा गया है हलाकि बीजेपी और शिवसेना ;शिंदे के बीच तनाव के संकेत उस समय भी मिले जब शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से बुलाई गई कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया इससे पहले भी शिंदे कई बार कैबिनेट बैठकों से दूरी बनाकर फडणवीस सरकार के फैसलों पर अपनी नाराजगी जताते रहे हैं
महाराष्ट्र राजनीति की बात करे तो बीएमसी पर ठाकरे परिवार का दो दशक से भी अधिक समय तक कब्ज़ा रहा है लेकिन 2017 में शिवसेना में विभाजन के बाद कई पार्षदों ने एकनाथ शिंदे का हाथ पकड़ लिया और इससे ठाकरे परिवार की पकड़ कमज़ोर हुई इस चुनाव में शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे के एमएनएस ;महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच गठबंधन था एमएनएस को छह सीटें आईं शिवसेना में विभाजन के बाद से यह उद्धव ठाकरे के लिए यह बहुत अहम चुनाव था निकाय चुनावों में शिवसेना यूबीटी एनसीपी एससीपी और कांग्रेस अलग.अलग चुनाव लड़ा ये पार्टियां विधानसभा चुनावों में एक साथ थीं मौजूदा बीजेपी.शिवसेना शिंदे गठबंधन के मुकाबले बाकी विपक्ष की सीटें मिलकर 106 पहुंचती हैं जो बहुमत से पांच कम है
एनसीपी को लगा जोर का झटका
इन चुनावों में सबसे बड़ा झटका एनसीपी के दोनों धड़ों को लगा है एनसीपी शरद पवार सिर्फ़ एक सीट जीत पाई है और एनसीपी ;अजीत पवार को महज़ तीन सीटें मिलीं हैं
मुंबई को बेच नहीं सकती भाजपा हम डटे हुए हैं संजय राउत
नतीजे आने के बाद शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने एक्स पर लिखा अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना का जयचंद नही बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नही बनता! उन्होंने पत्रकारों से कहा सबसे बड़ी लड़ाई मुंबई में थी हमें यह नहीं मान लेना चाहिए कि मुंबई में भाजपा जीत गई मुकाबला बराबरी का है एमएनएस को कम सीटें मिलीं मेरे ख्याल से उन्हें करीब 15 सीटें मिलनी चाहिए थीं हम बहुत कम अंतर से 10 से 15 सीटें हार गए लेकिन बीएमसी में विपक्ष की ताकत सत्ताधारी दल के बराबर है हमारे 105 लोग अंदर हैं ये लोग क्या करेंगे ये मुंबई को बेच नहीं सकते हम वहां डटे हुए हैं
इन नतीजों पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि हालांकि 25 सालों बाद उनका मेयर नहीं बनेगा लेकिन एक बात साबित हुई है कि जनता का विश्वास बरकरार है उन्होंने कहा ष्बीते 25 सालों में हमने जो भी काम किया ख़ासकर कोविड के समय में तो हमें अपेक्षा थी कि मुंबई से मतदाता हमारे साथ रहेंगे और वे रहे भी हमें और सीटें आने की अपेक्षा थी लेकिन सत्तापक्ष की स्पष्ट जीत के बावजूद बीएमसी के मेयर के चुनाव में अभी वक़्त है
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम में हिस्सा लेने 17 से 24 जनवरी के बीच दावोस में जा रहे हैं उनकी वापसी के बाद शिंदे के साथ औपचारिक बैठक होगी और यह भी जोड़ा कि बीएमसी मेयर के लिए लॉटरी के जरिए श्रेणी तय करने की प्रक्रिया भी तब तक पूरी हो जाएगी उससे पहले मेयरशिप पर चर्चा करना बेकार है
वही कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये घटनाक्रम शिवसेना की राजनीतिक अहमियत दिखाने और मेयर पद पर समझौता न करने के संकेत हैं नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में ले जाने के पीछे शायद यह एक कारण है
हालांकि शिवसेना के एक नवनिर्वाचित पार्षद अमोल घोले ने एक समाचार चैनल से अपने जवाब में कहा की किसी को भी ज़बरदस्ती वहां नहीं रखा गया है हमें आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है शिवसेना प्रमुख शिंदे साहब सभी पार्षदों को मार्गदर्शन देंगे इनमें से कई पहली बार पार्षद बने हैं और उनके लिए दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है यहां 29 पार्षद मौजूद हैं उन्होंने कहा कि मेयर का पद बीजेपी के साथ मिलकर तय किया जाएगा और उनकी पार्टी ने मेयर पद के लिए कोई मांग नहीं रखी है
ऐसी ख़बरें भी हैं कि शिवसेना शिंदे गुट ने मेयर के लिए 2. 5 साल का कार्यकाल मांगा है
हलाकी मुंबई मे बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिव सेना ने मिलकर चुनाव लड़े थे दोनों को बहुमत मिला है मेयर बीजेपी का होगा इसमे कोई संदेह नहीं क्योंकि उनके पास ज़्यादा सीटें हैं मगर एकनाथ शिंदे की पार्टी के समर्थन के बिना मेयर नहीं बन सकता
और ऐसी स्थिति मे एकनाथ शिंदे बार्गेनिंग कर रहे हैं कि 2 5 साल मेयर शिवसेना का हो बीजेपी नहीं मानेगी मगर शिंदे स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन पद की मांग करेंगे
महाराष्ट्र के राजनीतिक वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार मुंबई मे शिंदे की पार्टी का परफॉर्मेंस निराशाजनक रहा है इसलिए सैदेबाजी के माध्यम से शिंदे सत्ता मे कुछ सम्मानजनक हिस्सा चाहते हैं हालांकि अभी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया में वक्त लगेगा इसलिए इस बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं मेयर का पद रोटेशन के आधार पर सामान्य वर्ग अनुसूचित जाति ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित होता है वही राज्य का शहरी विकास विभाग श्रेणी तय करने के लिए लॉटरी की प्रक्रिया कराता है औपचारिक प्रक्रिया अगले हफ्ते शुरू होने की संभावना है