

Ravi JI…..
बिहार चुनाव…. कहते है राजनीति में कब किस ओर कौंनसा दाव खेल दिया जाए कुछ कहा नही जा सकता सीट के बटवारे को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए ने सब की सहमती से बिहार की चुनावी जगं के हालात के मददेनजर सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी है बीजेपी 101 जेडीयू 101 और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी
वहीं दूसरे सहयोगी दल जैसे. जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम पार्टी सेक्युलर और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के हिस्से में छह.छह सीटें आई हैं सीट बँटवारे की घोषणा के साथ एनडीए ने बिहार के चुनावी जगं में पहला दांव चल दिया है।
अब सवाल उठता है कि क्या यह क़दम विपक्षी महागठबंधन से चुनावी जंग में आगे निकलने की कोई रणनीति साबित होगा।
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट किया हम एनडीए के साथियों ने प्रेम भाव के वातावरण में सीटों का बँटवारा पूरा किया एनडीए के सभी दलों के कार्यकर्ता और नेता इसका ख़ुशी के साथ स्वागत करते हैं वही 8 अक्तूबर को हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा था हो न्याय अगर तो आधा दो यदि उसमें भी कोई बाधा हो तो दे दो केवल 15 ग्राम रखो अपनी धरती तमाम वही ख़ुशी से खाएँगे परिजन पे असी ना उठाएँगे
इस पोस्ट को बिहार में एचएएम पार्टी के 15 सीटों पर चुनाव लड़ने की हसरत से जोड़ा गया था
सीट बँटवारे के बाद एचएएम के प्रमुख जीतन राम मांझी से पत्रकारों द्वारा एक सवाल के दौरान पूछा गया कि क्या वह इस फ़ैसले से ख़ुश हैं इस सवाल पर उन्होंने कहा पार्लियामेंट चुनाव में हमको एक सीट मिली थी तो हम क्या नाराज़ थे वैसे ही जैसे आज छह सीटों की बात की गई है यह आलाकमान का निर्णय है हलाकि एनडीए में सिर्फ़ जीतन राम मांझी की पार्टी ने मांग के रूप 15 सीटों की संख्या बताई थी ख़ुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान की पार्टी की तरफ़ से कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है हालाँकि एलजेपी आर ने स्पष्ट रूप से यह आँकड़ा नहीं बताया था कि उन्हें कितनी सीटें चाहिए अब चिराग पासवान ने एक्स पर पोस्ट लिखा है कि सीटों का बँटवारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया है
सीट शेयरिंग को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने उम्मीदवारों से मागी माफी ग़ुस्से को शांत रखने की दी सलाह
वहीं सीट शेयरिंग पर समझौते के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया एक्स पर पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए लिखा आप सभी से क्षमा चाहता हूँ आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई मैं समझ रहा हूँ इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों.लाखों लोगों का मन दुखी होगा
किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं हम जानते हैं कि अंदर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति ग़ुस्सा भी होगा जो स्वाभाविक भी है आपसे विनम्र आग्रह है कि आप ग़ुस्से को शांत होने दीजिए
वही जानकारों का कहना है कि कई चुनौतियों के बावजूद बीजेपी.जेडीयू ने सीटों का बँटवारा कर लिया है हलाकि जब बातचीत चल रही थी तब बीजेपी 107 और जेडीयू 105 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन उन्होंने अपने घटक दलों को साधकर दिखाया एलजेपी ;आर काफ़ी ज़्यादा सीटों की मांग कर रही थी लेकिन बीजेपी ने 29 सीट देकर संतुष्ट करा दिया चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी ;अविभाजित ने साल 2020 में एनडीए गठबंधन से अलग होकर स्वतंत्र रूप से 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था हालाँकि एलजेपी सिर्फ़ एक सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी इसे एनडीए के लिए एक नुक़सान के तौर पर देखा गया था चिराग पासवान ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया जो बीजेपी के ख़िलाफ़ जाए उन्होंने संयमित तरीक़े से अपनी बात रखी अब मांझी को मांग 15 सीट से कम सीटें मिली हैं तो देखना होगा कि वो क्या करते हैं सीट बँटवारे के फ़ॉर्मूले के सवाल पर बीजेपी नेता अजय आलोक ने समाचार एजेंसी से कहा कि इसमें कमोबेश वही फ़ॉर्मूला था जो लोकसभा में था
इस बीच विकासशील इंसान पार्टी ;वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी ने इशारों.इशारों में महागठबंधन के सीट बँटवारे के बारे में बताया है
उन्होंने कहा महागठबंधन थोड़ा सा अस्वस्थ हुआ है दिल्ली जा रहा हूँ और सभी डॉक्टर दिल्ली में हैं और वहाँ बेहतर उपचार हो जाएगा स्वस्थ होकर पटना लौटेगें
जानकारो की माने तो महागठबंधन में कई दिक़्क़तें हैं और हर तरफ़ से नाराज़गी का दौर चल रहा है सीपीआई एमएल ख़ुश नहीं है उन्होंने पिछले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था इसलिए वो ज़्यादा सीट मांग रहे हैं लेकिन महागठबंधन की तरफ़ से उन्हें पिछली बार की तरह सिर्फ़ 19 सीटें देने की बात की जा रही है एमएल ने 40 सीट की मांग की थी और वो 30 तक आ गए थे वही कांग्रेस का कहना है कि उन्हें मज़बूत सीटें मिलें पार्टी का तर्क है कि पिछली बार उन्हें जो 70 सीटें मिली थीं उसमें 25 सीटें जिताऊँ थीं इस बार कांग्रेस चाहती है कि उसे मज़बूत सीटें दी जाएँ
जानकारो का बपना तर्क है कि सीट शेयरिंग पर इस तरह के रवैए से आरजेडी की असुरक्षा दिखाई देती है।
हलाकि देखा जाए तो पिछली बार मुकेश सहनी एनडीए के साथ थे और अब महागठबंधन के साथ हैं वही बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम का कहना है कि दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी है उसके बाद सीटों को लेकर फ़ैसला होगा उनहों ने एनडीए पर टिप्पड़ी करते हुए कहा की एनडीए गठबंधन बीमार है और इंडिया गठबंधन बिलकुल स्वस्थ है
अगर आकड़ो की माने तो बिहार में विधानसभा चुनाव की शुरुआत 1952 से हुई थी इसके बाद से साल 2020 तक बिहार में 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं इस बार एनडीए और महागठबंधन के अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी चुनावी मैदान में है इसी बीच जानकारों का मानना है कि साल 2020 में एनडीए ने एकता नहीं दिखाई थी वोटों का बिखराव हुआ और महागठबंधन को फ़ायदा हुआ था सीट शेयरिंग के फ़ॉर्मूले को सार्वजनिक कर एनडीए ने पहले पड़ाव में इस कन्फ़्यूजन को दूर कर दिया कि एनडीए में कोई दरार है बीजेपी.जेडीयू गठबंधन के इतिहास में यह पहला मौक़ा है जब दोनों पार्टियां विधानसभा चुनाव में बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी इस फैसले का लाभ एनडीए को मिलना तय माना जा रहा हैं। वही साल 2020 में जेडीयू ने 122 और बीजेपी ने 121 सीटों पर चुनाव लड़ा था
इसमें जेडीयू ने अपने हिस्से में से एचएएम को सात सीटें दीं और बीजेपी ने अपने कोटे से मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी ;वीआईपी को 11 सीटें दी थीं
वही कुछ जानकारो का यह भी कहना है कि एनडीए ने सीट शेयरिंग का गणित सार्वजनिक किया है लेकिन महागठबंधन की पकड़ ज़्यादा मज़बूत दिखाई दे रही है यह आम बात है कोई न कोई तो पहले सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूला या लिस्ट जारी करेगा ध्यान देने वाली बात है कि बीजेपी.जेडीयू की तुलना में आरजेडी.कांग्रेस के नेता ज़मीन पर ज़्यादा घूम चुके हैं एसआईआर के बहाने तेजस्वी और राहुल गांधी ने बिहार में कई विधानसभाओं को कवर किया है जबकि एनडीए की तरफ़ से आपको इतने बड़े स्तर पर कोई चुनाव अभियान नहीं दिखेगा यानी कैंपेन से पहले महागठबंधन ने ग्राउंड वर्क कर लिया है
बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होगा इसके लिए 6 और 11 नवंबर को वोट डाले जाएँगे और 14 नवंबर को नतीजों का एलान होगा अब सही नतीजा आने वाला फैसले का दिन बताएगा। जिसके लिए 14 नवंबर तक इतिजार करना होगा।