

RAVI JI
डिजिटल दुनिया से खोजी पत्रकारिता पर आधारित खास रिपोर्ट….
कहते है परिंदा सुर्खाब लाख पहरों के बाद जब कभी आजाद होता है तब उड़ान बुलन्दी की ही भरता है और कई मीलो का सफर बड़ी आसानी से तय करता है जो की उसकी फितरत होती है क्योकि वह जानता है की उसकी मंजिल कहा है इसी उधारण में गजा के .युद्ध ने बदल दी दुनिया की अपनी आगे की कड़ी में हम बात करते है दुनिया के उस देश तुर्की की जिस पर अमेरिका ने हथियारों पर पाबन्दी लगा दी थी अमेरिका से आजादी पाते ही तुर्की जो कभी दूसरों पर हथियार खरीदने के लिए निर्भर था आज वही देश तुर्की दूसरें दोशों को अपना खुद का निर्मित हथियार बेच रहा हैं कहा जाता है कि हथियार किसी भी देश की शुरक्षा प्रणाली का वह अंग होता है जिस कारण पूरा देश खुद को भय मुक्त महसूस करता है।
आज रक्षा साज़ो.सामान बनाने वाली तुर्की की पांच कंपनियां दुनिया में हथियार बनाने और सैन्य सेवाएं देने वाली 100 बेहतरीन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हैं
स्टॉकहोम पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट -सिपरी- की एक जारी लिस्ट के मुताबिक
एक समय था जब तुर्की दुनिया में हथियारों के ख़रीदार देश के रूप में गिना जाता था लेकिन अब तुर्की के रक्षा उपकरण उद्योग की तरक़्क़ी के बाद वह हथियार बेचने वाले एक प्रमुख देश के रूप में उभर रहा है
हाल के कुछ वर्षों के दौरान कई हथियारबंद संघर्षों में तुर्की के बनाए गए रक्षा उपकरणों ने गेम चेंजर की भूमिका निभाई है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी ध्यान खींचा है
तुर्की में बने लड़ाकू ड्रोनों ने यूक्रेन सीरिया लीबिया और अन्य देशों में जारी संघर्षों के दौरान अहम भूमिका निभाई है तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि वह अपनी 80 फ़ीसदी रक्षा ज़रूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा करते हैं यही वजह है कि तुर्की अब दुनिया के अन्य देशों से कम हथियार ख़रीदता है
सिपरी के अनुसार वैश्विक स्तर पर हथियारों की ख़रीद में तुर्की की हिस्सेदारी लगभग तीन प्रतिशत थी जो बीते वर्षो में घटकर लगभग डेढ़ फ़ीसदी हो गई है तुर्की ने 1974 में साइप्रस विवाद. 90 के दशक में कुर्द मिलिशिया के ख़िलाफ़ लड़ाई और सीरिया की जंग के दौरान ख़ुद पर लगे प्रतिबंधों का जवाब रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करके दिया है
आत्मनिर्भरता की नींव रखने के बाद जब अमेरिका ने तुर्की पर हथियार ख़रीदने का प्रतिबंध हटाया तो तुर्की ने अमेरिका से एफ़.35 विमान और रूस से एस.400 एयर डिफ़ेंस सिस्टम ख़रीदा तुर्की के रक्षा निर्यात में स्थानीय रूप से तैयार हल्के लड़ाकू विमान युद्धक हेलीकॉप्टर बख्तरबंद गाड़ियां गोला.बारूद और मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैं
जैसे.जैसे दुनिया में तुर्की के मिलिट्री हार्डवेयर में दिलचस्पी बढ़ रही है तुर्की के रक्षा निर्यात से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी हुई है 2014 में रक्षा उत्पादन क्षेत्र की आय एक अरब 64 करोड़ डॉलर थी जो अब 2024 में बढ़कर सात अरब डॉलर से ज़्यादा हो गई है
सिपरी के अनुसार 2028 तक तुर्की को रक्षा उत्पादन से 11 अरब डॉलर की आय होने का अनुमान है
तुर्की में अधिकारी और सरकारी मीडिया तेज़ी से रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता पर ज़ोर दे रहे हैं और यह राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के राजनीतिक नैरेटिव का केंद्र भी है
तुर्की की डिफ़ेंस इंडस्ट्री प्रेसिडेंसी की वेबसाइट के मुताबिक़ इस समय देश में 1 100 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है और इसके लिए 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का बजट आवंटित किया गया है
देश का रक्षा उत्पादन उद्योग हज़ारों लोगों को रोज़गार दे रहा है और ंआने वाले सालो में इस उद्योग में नौकरियों की संख्या एक लाख पार कर जाएगी
तुर्की के अधिकारी भी रक्षा उत्पादन क्षेत्र को दुनिया के साथ संबंध मज़बूत करने की पहल के तौर पर देखते हैं और वह टेक्नोलॉजी ट्रांसफ़र के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को तुर्की के नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट्स में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं
आकड़ो की माने सिपरी की ताज़ा रैंकिंग में तुर्की की कंपनियों का शामिल होना यह दिखाता है कि तुर्की का रक्षा उद्योग फैल रहा है और वैश्विक हथियार व्यापार में उसका प्रभाव बढ़ रहा है तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को अपने पक्ष में जनमत तैयार करने की कोशिश में इस्तेमाल कर रहे हैं
एक जानकारी के अनुसार तुर्की के सरकारी मीडिया का कहना है कि रक्षा क्षेत्र में प्रगति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुर्की के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है
ज़्यादातर कंपनियां सरकारी संरक्षण में करती हैं काम
सिपरी की इस रैंकिंग में शामिल बायकर को छोड़कर सभी कंपनियां सरकार के संरक्षण में काम करती हैं बायकर कंपनी के प्रमुख ख़ुद तुर्की के राष्ट्रपति के दामाद सेल्चुक बायरकतार हैं
एसल्सन कंपनी रक्षा उद्योग में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने में विशेषज्ञता रखती है इनमें कम्यूनिकेशन रडार सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वारफ़ेयर सिस्टम शामिल हैं
सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में इस कंपनी की आमदनी 25 फ़ीसदी बढ़ी थी और इसने 3 अरब 40 करोड़ डॉलर कमाए एसल्सन की स्थापना 1975 में उस समय हुई थी जब तुर्की पर हथियार ख़रीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था यह देश की शुरुआती कंपनियों में से एक है 2024 में सात और देशों ने एसल्सन के साथ नए रक्षा समझौते किए थे जबकि कुल मिलाकर दुनिया के 92 देश एसल्सन टेक्नोलॉजी के ख़रीदार हैं
कई देशों के साथ कारोबार
सिपरी की माने ता 2024 में इसकी आय में 11 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हुआ और कंपनी की कुल आय 2 अरब दस करोड़ डॉलर रही टीएआई के विशाल रक्षा उत्पादन में डिफ़ेंस टूल्स कई तरह के लड़ाकू ड्रोन हेलीकॉप्टर और दूसरे सामान शामिल हैं रिपोर्ट के मुताबिक़ फ़िलीपींस ट्यूनीशिया किर्गिस्तान नाइजीरिया और अज़रबैजान इस कंपनी से रक्षा उपकरण ख़रीदते हैं तुर्की की कंपनी बायकर के बायरकतार टीबी ड्रोन्स पूरी दुनिया में मशहूर हैं
जानकारो की माने तो इनका इस्तेमाल लीबिया सीरिया और यूक्रेन में हुआ है
इधर कुछ वर्षो में इस कंपनी की आय में थोड़ी कमी आई और इसकी कुल कमाई एक अरब नब्बे करोड़ डॉलर रही
बायकर कंपनी के सशस्त्र ड्रोन दुनिया के 30 से ज़्यादा देश ख़रीद चुके हैं
इसी कंपनी ने हाल ही में तुर्की का पहला यूवीए ;मानवरहित लड़ाकू ड्रोन विमान बायरकतार किज़िलेल्मा बनाया है जिसे रक्षा उद्योग की ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है
करोड़ों डॉलर की कमाई
रोकेत्सान कंपनी रॉकेट बैलिस्टिक मिसाइल हथियार गोला.बारूद और दूसरे रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम बनाती है
2024 में रोकेत्सान की आमदनी एक अरब 39 करोड़ डॉलर रही सिपरी की इस लिस्ट में आख़िरी तुर्की कंपनी एमकेई है जो छोटे हथियार आर्टिलरी और गोला.बारूद बनाती है इस कंपनी की आमदनी में भी इज़ाफ़ा हुआ है और बीते वर्ष में इसकी आय एक अरब बीस करोड़ डॉलर रही है